अगर आप उड़ नहीं सकते तो दौड़ें, दौड़ नहीं सकते तो चलें, अगर चल भी नहीं सकते हैं तो रेंगते हुए चलें, लेकिन हमेशा आगे बढ़ते रहें - ucnews.in

गुरुवार, 3 सितंबर 2020

अगर आप उड़ नहीं सकते तो दौड़ें, दौड़ नहीं सकते तो चलें, अगर चल भी नहीं सकते हैं तो रेंगते हुए चलें, लेकिन हमेशा आगे बढ़ते रहें

डॉ. मार्टिन लूथर किंग जूनियर का जन्म अमेरिका के अटलांटा में 1929 में हुआ था। अमेरिका में अश्वेतों के साथ हो रहे भेदभाव को खत्म करने के लिए मार्टिन लूथर किंग ने अहिंसात्मक आंदोलन किया था। इनका विवाह 1955 में हुआ था। इनकी पत्नी का नाम कोरोटा था। उस समय सार्वजनिक बसों में भी अश्वेतों के साथ भेदभाव होता था। अश्वेतों को बस में पीछे की सीट पर बैठना पड़ता था। तब डॉ. किंग ने बस आंदोलन शुरू किया था। इस आंदोलन के बाद ही सार्वजनिक बसों में श्वेत और अश्वेतों के अलग-अलग सीट रखने का नियम खत्म हो गया।

मार्टिन लूथर किंग महात्मा गांधी से प्रभावित थे। इन्हें विश्व शांति के लिए नोबेल पुरस्कार भी दिया गया था। लूथर किंग अपने विचारों की वजह से काफी प्रसिद्ध थे। इनकी मृत्यु 1968 में हुई थी। इनके कई ऐसे विचार हैं, जीवन में उतारने से हमारी कई समस्याएं खत्म हो सकती हैं।

जानिए डॉ. मार्टिन लूथर किंग के कुछ खास विचार...

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