सफलता के लिए ये जानने की जरूरत नहीं है कि दूसरे लोग क्या सोच रहे हैं, लेकिन किसी नए विचार की खोज जरूर करनी चाहिए - ucnews.in

मंगलवार, 15 सितंबर 2020

सफलता के लिए ये जानने की जरूरत नहीं है कि दूसरे लोग क्या सोच रहे हैं, लेकिन किसी नए विचार की खोज जरूर करनी चाहिए

मैरी क्यूरी 8 नवम्बर 1867 को पोलैंड के वारसा शहर में हुआ था। मैरी को भौतिक और रसासन के क्षेत्र में किए गए आविष्कारों के लिए दो बार नोबेल पुरस्कार मिला था। इन दो बेटियों को भी नोबेल पुरस्कार मिल चुका है। मैरी क्यूरी नोबेल पुरस्कार प्राप्त करने वाली पहली महिला वैज्ञानिक थीं। मैरी को उच्च शिक्षा प्राप्त करने में कई परेशानियों का सामना करना पड़ा था। उस समय उनके क्षेत्र में महिलाओं के लिए सामान्य शिक्षा की ही व्यवस्था थी।

मैरी ने छिप-छिपाकर उच्च शिक्षा हासिल की। उन्होंने भौतिक और गणित की पढ़ाई पेरिस से की थी। मैरी क्यूरी फ्रांस में डॉक्टरेट पूरा करने वाली पहली महिला थीं। वे पेरिस यूनिवर्सिटी की पहली महिला प्रोफेसर थीं। उनके पति का नाम पियरे क्यूरी था। पति-पत्नी दोनों ही वैज्ञानिक थे। इन्होंने रेडियम की खोज की थी। इन्हें रेडियोएक्टिविटी की खोज के लिए भौतिकी का नोबेल पुरस्कार मिला था। 4 जुलाई 1934 को मैरी का निधन हो गया था। जानिए मैरी क्यूरी के कुछ ऐसे विचार, जो हमारी समस्याओं के दूर कर सकते हैं...



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
Marie Curie quotes in hindi, life management quotes of Marie curie, motivational tips by Marie Curie


from Dainik Bhaskar
via

Share with your friends

Add your opinion
Disqus comments
Notification
This is just an example, you can fill it later with your own note.
Done