हमें किसी के भी साथ किसी भी तरह की प्रतियोगिता करने कोई की जरूरत नहीं है, हम जैसे हैं अच्छे हैं, हमें अपने आप को स्वीकार करना चाहिए - ucnews.in

गुरुवार, 17 सितंबर 2020

हमें किसी के भी साथ किसी भी तरह की प्रतियोगिता करने कोई की जरूरत नहीं है, हम जैसे हैं अच्छे हैं, हमें अपने आप को स्वीकार करना चाहिए

ओशो पारंपरिक धार्मिक संतों से एकदम अलग धार्मिक और अध्यात्मिक गुरु थे। उनका जन्म 11 दिसंबर 1931 को मध्य प्रदेश के रायसेन क्षेत्र में हुआ था। ओशो ने युवावस्था से ही ध्यान लगाना शुरू कर दिया था। जबलपुर से दर्शनशास्त्र की प्रारंभिक पढ़ाई की। सागर यूनिवर्सिटी से दर्शनशास्त्र में एमए किया। वे प्रोफेसर और सार्वजानिक वक्ता रहे। इन्हें आचार्य रजनीश के नाम से भी जाना जाता है। ओशो की मृत्यु 11 जनवरी 1990 को हुई थी।

जानिए ओशो के कुछ ऐसे विचार, जिन्हें अपनाने से हमारी कई समस्याएं खत्म हो सकती हैं...



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