टैटू गुदवाने का शौक है तो अलर्ट हो जाएं, यह हार्ट अटैक का खतरा बढ़ा सकता है; टैटू जितना बड़ा होगा खतरा उतना ही ज्यादा हो सकता है - ucnews.in

मंगलवार, 6 अक्तूबर 2020

टैटू गुदवाने का शौक है तो अलर्ट हो जाएं, यह हार्ट अटैक का खतरा बढ़ा सकता है; टैटू जितना बड़ा होगा खतरा उतना ही ज्यादा हो सकता है

अगर टैटू गुदवाने का शौक है तो अलर्ट हो जाएं। यह शौक हार्ट इंजरी का खतरा बढ़ा सकता है। जर्नल ऑफ अप्लाइड फिजियोलॉजी में प्रकाशित रिसर्च के मुताबिक, स्किन पर टैटू होने के कारण उसमें पसीना कंट्रोल करने की क्षमता घट जाती है। इससे शरीर का तापमान बढ़ता है। यह हायपरथर्मिया और हीट हार्ट अटैक का खतरा बढ़ सकता है। रिसर्च कहती है टैटू जितना बड़ा होगा खतरा उतना ही ज्यादा हो सकता है।

इसलिए खतरा बढ़ता है
रिसर्च के मुतबिक, स्किन पसीने की मदद से शरीर का तापमान कंट्रोल करने की कोशिश करती है। इसमें मदद करती हैं शरीर में पाई जाने वाले एक्क्रिन ग्रंथियां। रिसर्च के दौरान पाया गया कि टैटू बनवाने पर स्किन पर प्रति मिनट 3 हजार पंचर करने की जरूरत होती है। इसका असर पसीना कंट्रोल करने वाली ग्रंथि पर हो सकता है।

एक अन्य रिसर्च यह सामने आया है कि टैटू वाली स्किन में सोडियम की मात्रा अधिक पाई जाती है, जो पसीना कंट्रोल करने वाली ग्रंथि के काम में बाधा पैदा करती है।

ऐसे खतरे को पहचाना गया

  • रिसर्च में ऐसे लोगों को शामिल किया गया जिनके हाथ के ऊपरी और निचले हिस्से में टैटू बना था। इनके हाथों में कम से कम 5.6 वर्ग सेंटीमीटर का टैटू था।
  • इन लोगों के शरीर में पसीना पैदा करने के लिए परफ्यूजन सूट पहनाया गया। जिससे तापमान 120 डिग्री फॉरेनहाइट तक पहुंच जाए। रिसर्च के दौरान टैटू वाली और सामान्य स्किन की जांच की गई।
  • रिसर्चर्स ने स्किन में ब्लड सर्कुलेशन को जांचने के लिए लेजर तकनीक का प्रयोग किया। उन्होंने पाया कि स्किन पर टैटू होने पर शरीर को तापमान मेंटेन करने में मुश्किलें आती हैं।
  • टैटू के कारण पसीना कम आता है, इस वजह से शरीर का तापमान बढ़ता है। ऐसे लोगों में हायपरथर्मिया (शरीर का तापमान सामान्य से अधिक बढ़ना) और हीट हार्ट अटैक का खतरा बढ़ सकता है।
  • यह हार्ट अटैक तब होता है जब शरीर का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार हो जाता है।


Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
रिसर्च में यह सामने आया है कि टैटू वाली स्किन में सोडियम की मात्रा अधिक पाई जाती है, जो पसीना कंट्रोल करने वाली ग्रंथि के काम में बाधा पैदा करती है।


from Dainik Bhaskar
via

Share with your friends

Add your opinion
Disqus comments
Notification
This is just an example, you can fill it later with your own note.
Done