जिस जगह पर मान-सम्मान न मिले, जहां धन कमाने के साधन न हो, जहां मित्र और रिश्तेदार न हो, जहां विद्या नहीं मिलती है, वहां नहीं रहना चाहिए - ucnews.in

सोमवार, 5 अक्तूबर 2020

जिस जगह पर मान-सम्मान न मिले, जहां धन कमाने के साधन न हो, जहां मित्र और रिश्तेदार न हो, जहां विद्या नहीं मिलती है, वहां नहीं रहना चाहिए

आचार्य चाणक्य का जन्म 375 ईसा पूर्व पाटलिपुत्र में हुआ था। तब बिहार के पटना शहर को पाटलिपुत्र के नाम से जाना जाता था। उस समय भारत अलग-अलग खंडों में बंटा हुआ था। चाणक्य ने अपनी नीतियों से अखंड भारत बनाया और चंद्रगुप्त मोर्य को सम्राट नियुक्त किया था। चाणक्य अर्थशास्त्र और राजनीति के आचार्य थे। वे तक्षशिला में अध्यापन करते थे। चाणक्य की मृत्यु 283 ईसा पूर्व हुई थी।

चाणक्य ने जीवन को सुखी और सफल बनाने के सूत्र अपने नीति शास्त्र में बताए हैं। इन सूत्रों को जीवन में उतारने पर हमारी कई समस्याएं खत्म हो सकती हैं। जानिए चाणक्य नीति के पहले अध्याय की कुछ खास नीतियां...



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